Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.170.26: फिर मैंने अस्त्र-शस्त्रों के द्वारा उनके बाणों का वेग शान्त कर दिया और अत्यन्त तीव्र गति से चलने वाले तथा प्रज्वलित बाणों द्वारा हजारों राक्षसों को घायल कर दिया॥26॥   |   mahabharat अध्याय 3.170: अर्जुन और निवातकवचोंका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 170: अर्जुन और निवातकवचोंका युद्ध  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.170.26 
शरवेगान्निहत्याहमस्त्रैरस्त्रविघातिभि:।
ज्वलद्भि: परमै: शीघ्रैस्तानविध्यं सहस्रश:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
फिर मैंने अस्त्र-शस्त्रों के द्वारा उनके बाणों का वेग शान्त कर दिया और अत्यन्त तीव्र गति से चलने वाले तथा प्रज्वलित बाणों द्वारा हजारों राक्षसों को घायल कर दिया॥26॥
 
Then I calmed down the speed of their arrows with the help of destroyers of weapons and injured thousands of demons with very fast moving and flaming arrows. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)