Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.170.12: तब वे समस्त राक्षस समस्त दिशाओं और उपदिशाओं को अवरुद्ध करके नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों द्वारा मुझ पर आक्रमण करने लगे, जिससे मुझे महान् पीड़ा हुई॥12॥ | mahabharat अध्याय 3.170: अर्जुन और निवातकवचोंका युद्ध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते दिशो विदिश: सर्वे प्रतिरुध्य प्रहारिण:।
अभ्यघ्नन् विविधै: शस्त्रैस्ततो मे व्यथितं मन:॥ १२॥
अनुवाद
तब वे समस्त राक्षस समस्त दिशाओं और उपदिशाओं को अवरुद्ध करके नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों द्वारा मुझ पर आक्रमण करने लगे, जिससे मुझे महान् पीड़ा हुई॥12॥
Then all those demons, blocking all directions and sub-directions, began to attack me with various weapons. This caused me great pain.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥