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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 17: प्रद्युम्न और शाल्वका घोर युद्ध
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श्लोक 13
श्लोक
3.17.13
स तं रथवरं श्रीमान् समारुह्य किल प्रभो।
मुमोच बाणान् कौरव्य प्रद्युम्नाय महाबल:॥ १३॥
अनुवाद
हे कुरुनन्दन! उस उत्तम रथ पर आरूढ़ होकर महाबली शाल्व ने प्रद्युम्न पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी॥13॥
Lord Kurunandan! The mighty Shalva, mounted on that excellent chariot, started showering arrows on Pradyumna. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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