vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 17: प्रद्युम्न और शाल्वका घोर युद्ध
»
श्लोक 12
श्लोक
3.17.12
तस्य मायामयो वीर रथो हेमपरिष्कृत:।
सपताक: सध्वजश्च सानुकर्ष: स तूणवान्॥ १२॥
अनुवाद
वीर! शाल्व के पास सोने से सजा एक जादुई रथ था। वह रथ ध्वजाओं, पताकाओं, भालों और तरकशों से सुसज्जित था। 12.
Brave! Shalva had a magical chariot decorated with gold. That chariot was equipped with flags, banners, spears and quivers. 12.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×