श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 169: अर्जुनका पातालमें प्रवेश और निवातकवचोंके साथ युद्धारम्भ  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.169.19 
ततस्ते दानवास्तत्र वादित्राणि सहस्रश:।
विकृतस्वररूपाणि भृशं सर्वाण्यनादयन्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राक्षसगण भयंकर ध्वनि और विकराल रूप वाले नाना प्रकार के हजारों वाद्यों को जोर-जोर से बजाने लगे॥19॥
 
Thereafter the Demons began to play loudly thousands of musical instruments of various kinds, having horrific sounds and monstrous forms.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)