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mahabharat 3.168.82: ‘इनके अतिरिक्त इस रथसे अन्य अनेक राक्षस भी पराजित हुए हैं, जिनकी संख्या हजारों, लाखों और अरबों तक पहुँच गई है ॥ 82॥   |   mahabharat अध्याय 3.168: अर्जुनद्वारा स्वर्गलोकमें अपनी अस्त्रशिक्षा और निवातकवच दानवोंके साथ युद्धकी तैयारीका कथन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 168: अर्जुनद्वारा स्वर्गलोकमें अपनी अस्त्रशिक्षा और निवातकवच दानवोंके साथ युद्धकी तैयारीका कथन  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  3.168.82 
बहूनि च सहस्राणि प्रयतान्यर्बुदान्यपि।
रथेनानेन दैत्यानां जितवान् मघवा युधि॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
‘इनके अतिरिक्त इस रथसे अन्य अनेक राक्षस भी पराजित हुए हैं, जिनकी संख्या हजारों, लाखों और अरबों तक पहुँच गई है ॥ 82॥
 
‘Apart from these, many other demons have also been defeated with this chariot, whose number has reached thousands, lakhs and billions.॥ 82॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)