Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.168.7-8: शत्रुओं पर विजय पाने वाले राजा! तत्पश्चात, जब दिन ढलने लगा, तब पुनः पवित्र वायु बहने लगी, जिससे इस जगत में नवजीवन का संचार हुआ और हिमालय के पार्श्व में दिव्य, नवीन एवं सुगन्धित पुष्पों की वर्षा होने लगी॥7-8॥ | mahabharat अध्याय 3.168: अर्जुनद्वारा स्वर्गलोकमें अपनी अस्त्रशिक्षा और निवातकवच दानवोंके साथ युद्धकी तैयारीका कथन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं पर विजय पाने वाले राजा! तत्पश्चात, जब दिन ढलने लगा, तब पुनः पवित्र वायु बहने लगी, जिससे इस जगत में नवजीवन का संचार हुआ और हिमालय के पार्श्व में दिव्य, नवीन एवं सुगन्धित पुष्पों की वर्षा होने लगी॥7-8॥
King who conquers the enemy! Thereafter, when the day started to set, the holy wind again started blowing, infusing new life in this world and divine, new and fragrant flowers started raining in the region on the side of the Himalayas. 7-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥