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ततोऽतुष्यत् सहस्राक्षस्तेन कामेन मे विभु:।
एवं मे वसतो राजन्नेष कालोत्यगाद् दिवि॥ ६१॥
अनुवाद
शस्त्रविद्या में मेरी रुचि के कारण सहस्र नेत्रों वाले इन्द्र मुझ पर अत्यन्त प्रसन्न हुए। हे राजन! इस प्रकार स्वर्ग में मेरा समय सुखपूर्वक व्यतीत हुआ। 61।
Due to my interest in the art of weapons, the thousand-eyed Lord Indra was very pleased with me. O King! Thus, my time in heaven passed happily. 61.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥