Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.168.58-59: हे भरतश्रेष्ठ! उन्होंने मुझे सम्पूर्ण गन्धर्ववेद (संगीत विद्या) की शिक्षा दी। राजन्! मैं वहाँ इन्द्रभवन में बड़े आदर और सुख के साथ रहने लगा तथा अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा लेने लगा। वहाँ मुझे सभी इच्छित वस्तुएँ उपलब्ध थीं। हे भरतश्रेष्ठ! मैं वहाँ कभी सुन्दर गान सुनता, कभी दिव्य वाद्यों का भरपूर आनन्द लेता और कभी-कभी श्रेष्ठ अप्सराओं का नृत्य भी देखता। | mahabharat अध्याय 3.168: अर्जुनद्वारा स्वर्गलोकमें अपनी अस्त्रशिक्षा और निवातकवच दानवोंके साथ युद्धकी तैयारीका कथन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स च गान्धर्वमखिलं ग्राहयामास मां नृप।
तत्राहमवसं राजन् गृहीतास्त्र: सुपूजित:॥ ५८॥
सुखं शक्रस्य भवने सर्वकामसमन्वित:।
शृण्वन् वै गीतशब्दं च तूर्यशब्दं च पुष्कलम्।
पश्यंश्चाप्सरस: श्रेष्ठा नृत्यन्तीर्भरतर्षभ॥ ५९॥
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! उन्होंने मुझे सम्पूर्ण गन्धर्ववेद (संगीत विद्या) की शिक्षा दी। राजन्! मैं वहाँ इन्द्रभवन में बड़े आदर और सुख के साथ रहने लगा तथा अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा लेने लगा। वहाँ मुझे सभी इच्छित वस्तुएँ उपलब्ध थीं। हे भरतश्रेष्ठ! मैं वहाँ कभी सुन्दर गान सुनता, कभी दिव्य वाद्यों का भरपूर आनन्द लेता और कभी-कभी श्रेष्ठ अप्सराओं का नृत्य भी देखता।
Lord of men! He taught me the entire Gandharva Veda (music science). King! I started living there in Indra Bhavan with great respect and happiness while learning weapons. All the desired things were available to me there. O best of the Bharatas! Sometimes I would listen to beautiful songs there, sometimes I would enjoy the divine instruments to the fullest and sometimes I would even watch the dance of the best Apsaras.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥