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नित्यतुष्टाश्च ते राजन् प्राणिन: सुरवेश्मनि।
नित्यपुष्पफलास्तत्र पादपा हरितच्छदा:॥ ४९॥
अनुवाद
राजा! स्वर्ग में रहने वाले प्राणी सदैव संतुष्ट रहते हैं। वहाँ के वृक्ष सदैव फल-फूलों से भरे रहते हैं और हरे-भरे पत्तों से सुशोभित रहते हैं।
King! The creatures living in heaven are always satisfied. The trees there are always full of fruits and flowers and are decorated with green leaves. 49.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥