Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.168.29-31: हे भारत! तुम मेरे घर आकर सम्पूर्ण अस्त्र-शस्त्रों की शिक्षा प्राप्त करो। कुरुश्रेष्ठ! वायु, अग्नि, वसु, वरुण, मरुद्गण, साध्यगण, ब्रह्मा, गन्धर्वगण, नाग, राक्षस, विष्णु और निरऋतिक का ज्ञान प्राप्त करो तथा मेरे सम्पूर्ण अस्त्र-शस्त्रों का भी ज्ञान प्राप्त करो। मुझसे ऐसा कहकर इन्द्र वहाँ से अन्तर्धान हो गए। | mahabharat अध्याय 3.168: अर्जुनद्वारा स्वर्गलोकमें अपनी अस्त्रशिक्षा और निवातकवच दानवोंके साथ युद्धकी तैयारीका कथन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भारत! तुम मेरे घर आकर सम्पूर्ण अस्त्र-शस्त्रों की शिक्षा प्राप्त करो। कुरुश्रेष्ठ! वायु, अग्नि, वसु, वरुण, मरुद्गण, साध्यगण, ब्रह्मा, गन्धर्वगण, नाग, राक्षस, विष्णु और निरऋतिक का ज्ञान प्राप्त करो तथा मेरे सम्पूर्ण अस्त्र-शस्त्रों का भी ज्ञान प्राप्त करो। मुझसे ऐसा कहकर इन्द्र वहाँ से अन्तर्धान हो गए।
India You come to my house and get training in complete weapons. Kurushrestha! Acquire the knowledge of Vayu, Agni, Vasu, Varun, Marudgana, Sadhyagana, Brahma, Gandharvagana, Naga, Rakshasa, Vishnu and Nirritike and also my complete weapons. Saying this to me, Indra disappeared there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥