Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.168.25: इन्द्र बोले - हे अर्जुनपुत्र! दिव्यास्त्रों का ज्ञान प्राप्त करने के पश्चात् तुम भयंकर कर्म करने लगोगे। अतः हे पाण्डुपुत्र! मैं चाहता हूँ कि जिस उद्देश्य से तुम अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान प्राप्त करना चाहते हो, वह पूर्ण हो। | mahabharat अध्याय 3.168: अर्जुनद्वारा स्वर्गलोकमें अपनी अस्त्रशिक्षा और निवातकवच दानवोंके साथ युद्धकी तैयारीका कथन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र बोले - हे अर्जुनपुत्र! दिव्यास्त्रों का ज्ञान प्राप्त करने के पश्चात् तुम भयंकर कर्म करने लगोगे। अतः हे पाण्डुपुत्र! मैं चाहता हूँ कि जिस उद्देश्य से तुम अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान प्राप्त करना चाहते हो, वह पूर्ण हो।
Indra said - O dear son of Arjuna, after acquiring the knowledge of divine weapons, you will start committing terrible deeds. Therefore, O son of Pandu, I wish that the purpose for which you want to acquire the knowledge of weapons, may be fulfilled. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥