Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.168.15: महाराज! पुरुषोत्तम! उन सब लोकपालों ने मुझे सान्त्वना देते हुए कहा- 'सव्यसाची अर्जुन! देखो, हम सब लोकपाल यहाँ खड़े हैं॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 3.168: अर्जुनद्वारा स्वर्गलोकमें अपनी अस्त्रशिक्षा और निवातकवच दानवोंके साथ युद्धकी तैयारीका कथन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते मामूचुर्महाराज सान्त्वयित्वा नरर्षभ।
सव्यसाचिन्निरीक्षास्माँल्लोकपालानवस्थितान्॥ १५॥
अनुवाद
महाराज! पुरुषोत्तम! उन सब लोकपालों ने मुझे सान्त्वना देते हुए कहा- 'सव्यसाची अर्जुन! देखो, हम सब लोकपाल यहाँ खड़े हैं॥ 15॥
Maharaj! Best of men! All those Lokpalas (guardians of the world) consoled me and said- 'Savyasaachi Arjun! Look, all of us Lokpalas (guardians of the world) are standing here.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥