Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.167.7-8: हे महारथी! मैं ये सब बातें विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। हे निष्पाप अर्जुन, शत्रुओं का नाश करने वाले! महादेवजी और देवराज इन्द्र किस प्रकार तुम पर प्रसन्न हुए तथा तुमने वज्रधारी इन्द्र का कौन-सा प्रिय कार्य सम्पन्न किया, यह सब विस्तारपूर्वक मुझसे कहो।॥7-8॥ | mahabharat अध्याय 3.167: अर्जुनके द्वारा अपनी तपस्या-यात्राके वृत्तान्तका वर्णन, भगवान् शिवके साथ संग्राम और पाशुपतास्त्र-प्राप्तिकी कथा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महारथी! मैं ये सब बातें विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। हे निष्पाप अर्जुन, शत्रुओं का नाश करने वाले! महादेवजी और देवराज इन्द्र किस प्रकार तुम पर प्रसन्न हुए तथा तुमने वज्रधारी इन्द्र का कौन-सा प्रिय कार्य सम्पन्न किया, यह सब विस्तारपूर्वक मुझसे कहो।॥7-8॥
'O mighty warrior! I wish to hear all these things in detail. O sinless Arjuna, the destroyer of enemies! Tell me in full detail how Mahadevji and Devraja Indra were pleased with you and the favourite task of Vajradhaari Indra that you have accomplished.'॥ 7-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥