Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.167.51: ‘पाण्डुकुमार! तुम्हें मेरा रुद्रास्त्र स्वतः ही प्राप्त हो जायेगा।’ ऐसा कहकर भगवान पशुपति ने बड़ी प्रसन्नता से मुझे अपना महान पाशुपतास्त्र प्रदान किया। 51॥ | mahabharat अध्याय 3.167: अर्जुनके द्वारा अपनी तपस्या-यात्राके वृत्तान्तका वर्णन, भगवान् शिवके साथ संग्राम और पाशुपतास्त्र-प्राप्तिकी कथा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘पाण्डुकुमार! तुम्हें मेरा रुद्रास्त्र स्वतः ही प्राप्त हो जायेगा।’ ऐसा कहकर भगवान पशुपति ने बड़ी प्रसन्नता से मुझे अपना महान पाशुपतास्त्र प्रदान किया। 51॥
'Pandukumar! You will automatically get my Rudrastra.' Saying this, Lord Pashupati with great pleasure presented me with his great Pashupatastra. 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥