Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.167.22: उसी समय किरात ने अपना प्रबल धनुष खींचकर उस पर गहरी चोट मारी, जिससे मेरा हृदय काँप उठा ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 3.167: अर्जुनके द्वारा अपनी तपस्या-यात्राके वृत्तान्तका वर्णन, भगवान् शिवके साथ संग्राम और पाशुपतास्त्र-प्राप्तिकी कथा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 167: अर्जुनके द्वारा अपनी तपस्या-यात्राके वृत्तान्तका वर्णन, भगवान् शिवके साथ संग्राम और पाशुपतास्त्र-प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.167.22 
युगपत् तं किरातस्तु विकृष्य बलवद् धनु:।
अभ्याजघ्ने दृढतरं कम्पयन्निव मे मन:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उसी समय किरात ने अपना प्रबल धनुष खींचकर उस पर गहरी चोट मारी, जिससे मेरा हृदय काँप उठा ॥22॥
 
At the same time Kirat drew his strong bow and struck it deeply, which made my heart tremble. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)