श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 167: अर्जुनके द्वारा अपनी तपस्या-यात्राके वृत्तान्तका वर्णन, भगवान् शिवके साथ संग्राम और पाशुपतास्त्र-प्राप्तिकी कथा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.167.20 
अनु तस्यापरं भूतं महत् कैरातसंस्थितम्।
धनुर्बाणासिमत् प्राप्तं स्त्रीगणानुगतं तदा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उसके पीछे किरात-सदृश एक महापुरुष दिखाई दिया। वह धनुष-बाण और तलवार लिए हुए था। उसके साथ स्त्रियों का एक समूह भी था।
 
Behind him a great man with a Kirat-like appearance was seen. He was carrying a bow and arrow and a sword. A group of women were also with him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)