Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.163.23: ‘वास्तव में भगवान विष्णु अचिन्त्य रूप में वहाँ निवास करते हैं। प्रयत्नशील महात्मा भक्ति के प्रभाव से भगवान नारायण वहाँ प्राप्त होते हैं।’ 23॥ | mahabharat अध्याय 3.163: धौम्यका युधिष्ठिरको मेरु पर्वत तथा उसके शिखरोंपर स्थित ब्रह्मा, विष्णु आदिके स्थानोंका लक्ष्य कराना और सूर्य-चन्द्रमाकी गति एवं प्रभावका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वयं प्रभुरचिन्त्यात्मा तत्र ह्यतिविराजते।
यतयस्तत्र गच्छन्ति भक्त्या नारायणं हरिम्॥ २३॥
अनुवाद
‘वास्तव में भगवान विष्णु अचिन्त्य रूप में वहाँ निवास करते हैं। प्रयत्नशील महात्मा भक्ति के प्रभाव से भगवान नारायण वहाँ प्राप्त होते हैं।’ 23॥
‘In reality, Lord Vishnu resides there in the form of unthinkable form. Due to the influence of diligent Mahatma devotion, Lord Narayana is attained there. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥