Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.163.1: वैशम्पायनजी कहते हैं - शत्रुदमन राजा! तत्पश्चात जब सूर्य उदय हुआ, तब अष्टीषेण के साथ धौम्यजी अपना नित्यकर्म पूरा करके पाण्डवों के पास आये॥1॥ | mahabharat अध्याय 3.163: धौम्यका युधिष्ठिरको मेरु पर्वत तथा उसके शिखरोंपर स्थित ब्रह्मा, विष्णु आदिके स्थानोंका लक्ष्य कराना और सूर्य-चन्द्रमाकी गति एवं प्रभावका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - शत्रुदमन राजा! तत्पश्चात जब सूर्य उदय हुआ, तब अष्टीषेण के साथ धौम्यजी अपना नित्यकर्म पूरा करके पाण्डवों के पास आये॥1॥
Vaishampayanji says – Shatrudaman King! After that, when the sun rose, Dhaumyaji along with Ashtishen completed his daily routine and came to the Pandavas. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥