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mahabharat 3.162.31: ' निद्रा को जीतने वाले अर्जुन, शस्त्र विद्या सीखकर, स्वयं इन्द्र के भेजने पर शीघ्र ही यहाँ आएंगे और आप सभी से मिलेंगे।'   |   mahabharat अध्याय 3.162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.162.31 
शीघ्रमेव गुडाकेश: कृतास्त्र: पुनरेष्यति।
साक्षान्मघवता सृष्ट: सम्प्राप्स्यति धनंजय:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
' निद्रा को जीतने वाले अर्जुन, शस्त्र विद्या सीखकर, स्वयं इन्द्र के भेजने पर शीघ्र ही यहाँ आएंगे और आप सभी से मिलेंगे।'
 
'Arjun, the conqueror of sleep, having learnt the art of weapons, will soon come here when sent by Indra himself and will meet all of you.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)