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mahabharat 3.162.18: अर्थ के तत्त्व को समझने की विधि को जानने वाला और सम्पूर्ण धर्मों के नियमों में कुशल, भीमसेन से छोटा अर्जुन अब सुखपूर्वक स्वर्ग में निवास कर रहा है ॥ 18॥   |   mahabharat अध्याय 3.162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  3.162.18 
अर्थतत्त्वविधानज्ञ: सर्वधर्मविधानवित्।
भीमसेनादवरज: फाल्गुन: कुशली दिवि॥ १८॥
 
 
अनुवाद
अर्थ के तत्त्व को समझने की विधि को जानने वाला और सम्पूर्ण धर्मों के नियमों में कुशल, भीमसेन से छोटा अर्जुन अब सुखपूर्वक स्वर्ग में निवास कर रहा है ॥ 18॥
 
Knower of the method of understanding the essence of meaning and skilled in the rules of all religions, Arjuna, who is younger than Bhimasena, is now comfortably residing in heaven. ॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)