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mahabharat 3.162.14: हे राजन! अब से इस वन में निवास करने वाले सभी यक्ष आपकी देखभाल करेंगे, आपकी सेवा में उपस्थित रहेंगे और आप सबकी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे॥ 14॥   |   mahabharat अध्याय 3.162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.162.14 
अत: परं च वो राजन् द्रक्ष्यन्ति वनगोचरा:।
उपस्थास्यन्ति वो राजन् रक्षिष्यन्ते च व: सदा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! अब से इस वन में निवास करने वाले सभी यक्ष आपकी देखभाल करेंगे, आपकी सेवा में उपस्थित रहेंगे और आप सबकी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे॥ 14॥
 
O King! From now on all the Yakshas residing in this forest will look after you, will be present in your service and will always be ready to protect you all.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)