Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.161.19-20: हे मनुष्यों! दैत्यों और यक्षों के प्रधान योद्धा आज युद्धभूमि में निश्चेष्ट और निर्जीव होकर पड़े हैं। उनकी कृपा से हम तो बच गए; किन्तु आपका मित्र मणिमान नामक राक्षस मारा गया है। | mahabharat अध्याय 3.161: कुबेरका गन्धमादन पर्वतपर आगमन और युधिष्ठिरसे उनकी भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रवरा राक्षसेन्द्राणां यक्षाणां च नराधिप॥ १९॥
शेरते निहता देव गतसत्त्वा: परासव:।
लब्धशेषा वयं मुक्ता मणिमांस्ते सखा हत:॥ २०॥
अनुवाद
हे मनुष्यों! दैत्यों और यक्षों के प्रधान योद्धा आज युद्धभूमि में निश्चेष्ट और निर्जीव होकर पड़े हैं। उनकी कृपा से हम तो बच गए; किन्तु आपका मित्र मणिमान नामक राक्षस मारा गया है।
'Lord of men! The chief warriors among the demons and the Yakshas are today lying down on the battlefield, spiritless and lifeless. We have been saved by his grace; but your friend the demon Maniman has been killed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥