श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 161: कुबेरका गन्धमादन पर्वतपर आगमन और युधिष्ठिरसे उनकी भेंट  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.161.11 
राजद्विष्टं न कर्तव्यमिति धर्मविदो विदु:।
त्रिदशानामिदं द्विष्टं भीमसेन त्वया कृतम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन! धर्म को जानने वाले पुरुष यह जानते और मानते हैं कि द्रोह नहीं करना चाहिए; किन्तु तुमने न केवल द्रोह किया है, अपितु देवताओं के प्रति भी द्रोह किया है।
 
Bhimsena! The men who know Dharma know and believe that one should not commit an act of treason; but you have not only committed treason but have also committed treason against the Gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)