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mahabharat 3.160.69: वह अत्यंत भयानक शक्ति अग्नि की ज्वाला के समान भीम की दाहिनी भुजा में घुस गई और भयंकर गर्जना के साथ सहसा पृथ्वी पर गिर पड़ी।   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  3.160.69 
सा भुजं भीमनिर्ह्रादा भित्वा भीमस्य दक्षिणम्।
साग्निज्वाला महारौद्रा पपात सहसा भुवि॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
वह अत्यंत भयानक शक्ति अग्नि की ज्वाला के समान भीम की दाहिनी भुजा में घुस गई और भयंकर गर्जना के साथ सहसा पृथ्वी पर गिर पड़ी।
 
That extremely dreadful force, like a flame of fire, pierced Bhima's right arm and suddenly fell to the earth with a terrible thunder.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)