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mahabharat 3.160.67: महापराक्रमी भीमसेन गदा युद्ध के खतरों को जानते थे, इसलिए उन्होंने शत्रु के आक्रमण को निष्फल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  3.160.67 
गदायुद्धसमाचारं बुद्धॺमान: स वीर्यवान्।
व्यंसयामास तं तस्य प्रहारं भीमविक्रम:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
महापराक्रमी भीमसेन गदा युद्ध के खतरों को जानते थे, इसलिए उन्होंने शत्रु के आक्रमण को निष्फल कर दिया।
 
The fiercely valiant Bhimasena knew the dangers of mace fighting. So he rendered the enemy's attack futile. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)