प्रत्यहन्यन्त ते सर्वे गदामासाद्य सायका:।
न वेगं धारयामासुर्गदावेगस्य वेगिता:॥ ६६॥
अनुवाद
किन्तु वे सभी बाण मणिमांकी की गदा से लगते ही नष्ट हो गए। यद्यपि वे बड़े वेग से छोड़े गए थे, तथापि गदा चलाने में निपुण मणिमांकी गदा का वेग सहन न कर सका। 66॥
But all those arrows were destroyed after hitting Manimanki's mace. Although they were released with great speed, Manimanki, adept at wielding the mace, could not bear the speed of the mace. 66॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥