Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.160.65: वह विशाल और भयानक गदा आकाश में बिजली की तरह चमक उठी। यह देखकर भीमसेन ने उस पर बहुत से बाणों से आक्रमण किया, जिन्हें उन्होंने पत्थरों पर रगड़कर धारदार बनाया था। | mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान्का वध करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह विशाल और भयानक गदा आकाश में बिजली की तरह चमक उठी। यह देखकर भीमसेन ने उस पर बहुत से बाणों से आक्रमण किया, जिन्हें उन्होंने पत्थरों पर रगड़कर धारदार बनाया था।
That huge and terrifying mace flashed in the sky like lightning. Seeing this, Bhimasena attacked it with many arrows which he had sharpened by rubbing them on stones.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥