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mahabharat 3.160.63: मदमस्त हाथी के समान वेग से अपनी ओर आते हुए मणिमान् को देखकर भीमसेन ने वत्सदन्त नामक तीन बाणों से उसकी पसलियों में चोट पहुँचाई।   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  3.160.63 
तमापतन्तं वेगेन प्रभिन्नमिव वारणम्।
वत्सदन्तैस्त्रिभि: पार्श्वे भीमसेन: समार्दयत्॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
मदमस्त हाथी के समान वेग से अपनी ओर आते हुए मणिमान् को देखकर भीमसेन ने वत्सदन्त नामक तीन बाणों से उसकी पसलियों में चोट पहुँचाई।
 
Seeing Maniman approaching him speedily like an elephant flowing in a stream of intoxication, Bhimasena struck him in the ribs with three arrows called Vatsadanta. 63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)