श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  3.160.62 
एवमाभाष्य तान् सर्वानभ्यवर्तत राक्षस:।
शक्तिशूलगदापाणिरभ्यधावत् स पाण्डवम्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
यह कहकर राक्षस मणिमान ने उन सबको वापस भेज दिया और अपने हाथों में भाला, त्रिशूल और गदा लेकर भीमसेन पर आक्रमण कर दिया।
 
Saying this the demon Maniman sent them all back and attacked Bhimasena with a spear, trident and mace in his hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)