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mahabharat 3.160.61: "अहा! बहुत बड़ी संख्या में होने पर भी आज तुम एक ही पुरुष से युद्ध में पराजित हो गए हो। जब तुम कुबेर के महल में कोषाध्यक्ष के पास जाओगे तो क्या कहोगे?"॥61॥   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  3.160.61 
एकेन बहव: सङ्ख्ये मानुषेण पराजिता:।
प्राप्य वैश्रवणावासं किं वक्ष्यथ धनेश्वरम्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
"अहा! बहुत बड़ी संख्या में होने पर भी आज तुम एक ही पुरुष से युद्ध में पराजित हो गए हो। जब तुम कुबेर के महल में कोषाध्यक्ष के पास जाओगे तो क्या कहोगे?"॥61॥
 
"Oh! Despite being in very large numbers, you have been defeated in battle by a single man today. What will you say when you go to the treasurer in Kubera's palace?"॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)