Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.160.59: कुबेर का मित्र, महादैत्य मणिमान भी वहाँ उपस्थित था। उसके हाथों में त्रिशूल और गदा थी। उसकी छाती चौड़ी और भुजाएँ विशाल थीं। | mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान्का वध करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुबेर का मित्र, महादैत्य मणिमान भी वहाँ उपस्थित था। उसके हाथों में त्रिशूल और गदा थी। उसकी छाती चौड़ी और भुजाएँ विशाल थीं।
Kubera's friend, the great demon Maniman, was also present there. He held a trident and a mace in his hands. His chest was broad and his arms were huge.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥