श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  3.160.58 
उत्सृज्य ते गदाशूलानसिशक्तिपरश्वधान्।
दक्षिणां दिशमाजग्मुस्त्रासिता दृढधन्वना॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
बलवान धनुषधारी भीमसेन से भयभीत होकर यक्ष और राक्षस गदा, भाले, तलवार, बर्छी और कुल्हाड़ी आदि अस्त्र-शस्त्र छोड़कर दक्षिण दिशा की ओर भाग गए ॥58॥
 
Terrified by the strong bow-wielding Bhimasena, the Yakshas and Rakshasas, leaving behind their weapons like maces, spears, swords, spears and axes, all fled towards the south. ॥ 58॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)