Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.160.36: महाबली भीमसेन पर्वत के शिखर पर आरूढ़ होकर किन्नरों, महानाग, मुनि, गन्धर्व और राक्षसों का आनन्द बढ़ाने लगे ॥36॥   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  3.160.36 
सकिन्नरमहानागमुनिगन्धर्वराक्षसान्।
हर्षयन् पर्वतस्याग्रमारुह्य स महाबल:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
महाबली भीमसेन पर्वत के शिखर पर आरूढ़ होकर किन्नरों, महानाग, मुनि, गन्धर्व और राक्षसों का आनन्द बढ़ाने लगे ॥36॥
 
The mighty Bhima, mounted on the peak of the mountain, started increasing the joy of the Kinnars, Mahanaag, Muni, Gandharva and Rakshasas. 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)