Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.160.23: आर्यपुत्र! तुम्हारा पराक्रम इन्द्र के समान है। तुम्हारा तेज और बल भी महान है। वे दूसरों के लिए असहनीय और कठोर हैं॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.160.23 
तवापि सुमहत् तेजो महद् बाहुबलं च ते।
अविषह्यमनाधृष्यं शक्रतुल्यपराक्रम॥ २३॥
 
 
अनुवाद
आर्यपुत्र! तुम्हारा पराक्रम इन्द्र के समान है। तुम्हारा तेज और बल भी महान है। वे दूसरों के लिए असहनीय और कठोर हैं॥ 23॥
 
‘Aryaputra! Your valour is equal to that of Indra. Your brilliance and strength are also great. They are unbearable and tough for others.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)