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mahabharat 3.160.19: तत्पश्चात् कुछ समय पाकर उन्होंने महाबाहु भीमसेन से, जो पर्वत के एकांत भाग में सुखपूर्वक बैठे हुए थे, कहा -॥19॥   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.160.19 
भीमसेनं तत: कृष्णा काले वचनमब्रवीत्।
विविक्ते पर्वतोद्देशे सुखासीनं महाभुजम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कुछ समय पाकर उन्होंने महाबाहु भीमसेन से, जो पर्वत के एकांत भाग में सुखपूर्वक बैठे हुए थे, कहा -॥19॥
 
Thereafter, finding some time, he said to the mighty-armed Bhimasena who was comfortably sitting in a secluded part of the mountain -॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)