Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.160.17: तत्पश्चात् उस उत्तम पर्वत की चोटी से पाण्डवों की ओर एक तेज हवा का झोंका आया और वहाँ अनेक प्रकार के सुगन्धित पुष्पों से बनी हुई सुन्दर मालाएँ बिखर गईं। | mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान्का वध करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् उस उत्तम पर्वत की चोटी से पाण्डवों की ओर एक तेज हवा का झोंका आया और वहाँ अनेक प्रकार के सुगन्धित पुष्पों से बनी हुई सुन्दर मालाएँ बिखर गईं।
Thereafter a gust of wind blew towards the Pandavas from the peak of that excellent mountain and scattered there many beautiful garlands made of all kinds of fragrant flowers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥