श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.160.16 
प्राकम्पत महाशैल: प्रामृद्यन्त महाद्रुमा:।
ददृशु: सर्वभूतानि पाण्डवाश्च तदद्‍भुतम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उस समय वह महान पर्वत हिलने लगा। बड़े-बड़े वृक्ष धूल में मिल गए। वहाँ के समस्त प्राणी और पाण्डव उस अद्भुत घटना के साक्षी बने॥16॥
 
At that time that great mountain started shaking. Big trees were reduced to dust. All the creatures there and the Pandavas witnessed that amazing event.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)