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mahabharat 3.160.15: फिर, कुछ दिनों के बाद, गरुड़ ने अचानक एक बड़े तालाब में रहने वाले महान साँप ऋद्धिमान पर झपट्टा मारा और उसे पकड़ लिया।   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.160.15 
तत: कतिपयाहस्य महाह्रदनिवासिनम्।
ऋद्धिमन्तं महानागं सुपर्ण: सहसाऽऽहरत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
फिर, कुछ दिनों के बाद, गरुड़ ने अचानक एक बड़े तालाब में रहने वाले महान साँप ऋद्धिमान पर झपट्टा मारा और उसे पकड़ लिया।
 
Then, after a few days, Garuda suddenly pounced upon and caught the great snake Riddhiman who was living in a large pond.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)