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mahabharat 3.160.13: वहाँ निवास करने और क्रीड़ा करनेवाले पाण्डवों पर भाग्यवान ॠषि और भाट बहुत प्रसन्न हुए ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.160.13 
तैस्तत्र विहरद्भिश्च रममाणैश्च पाण्डवै:।
प्रीतिमन्तो महाभागा मुनयश्चारणास्तथा॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ निवास करने और क्रीड़ा करनेवाले पाण्डवों पर भाग्यवान ॠषि और भाट बहुत प्रसन्न हुए ॥13॥
 
The fortunate sages and bards were very pleased with the Pandavas who were living and playing there. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)