vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान्का वध करना
»
श्लोक 12
श्लोक
3.160.12
आर्ष्टिषेणाश्रमे तेषां वसतां वै महात्मनाम्।
अगच्छन् बहवो मासा: पश्यतां महदद्भुतम्॥ १२॥
अनुवाद
महामनस्वी पाण्डवों ने कई महीने अरिष्टीसेन के आश्रम में रहकर अद्भुत दृश्यों का अवलोकन किया ॥12॥
The great-minded Pandavas spent many months staying at the hermitage of Arishtisena and observing wonderful scenes. ॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×