श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.160.12 
आर्ष्टिषेणाश्रमे तेषां वसतां वै महात्मनाम्।
अगच्छन् बहवो मासा: पश्यतां महदद्‍भुतम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महामनस्वी पाण्डवों ने कई महीने अरिष्टीसेन के आश्रम में रहकर अद्भुत दृश्यों का अवलोकन किया ॥12॥
 
The great-minded Pandavas spent many months staying at the hermitage of Arishtisena and observing wonderful scenes. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)