श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 160: पाण्डवोंका आर्ष्टिषेणके आश्रमपर निवास, द्रौपदीके अनुरोधसे भीमसेनका पर्वतके शिखरपर जाना और यक्षों तथा राक्षसोंसे युद्ध करके मणिमान‍्का वध करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.160.11 
कृत्यकाल उपस्थास्य इति चोक्त्वा घटोत्कच:।
राक्षसै: सह सर्वैश्च पूर्वमेव गत: प्रभो॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाराज! घटोत्कच तो पहले ही सब राक्षसों के साथ यह कहकर चला गया था कि, ‘जब आवश्यकता होगी, तब मैं स्वयं उपस्थित हो जाऊँगा।’ ॥11॥
 
King! Ghatotkacha had already left with all the demons, saying, 'I will be present myself when the need arises.' ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)