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mahabharat 3.16.4: सेनाओं के विभाजन के कारण सभी मार्ग अवरुद्ध हो गए थे। हे राजन! शाल्व के शिविर में प्रवेश करने का कोई रास्ता नहीं बचा था।   |   mahabharat अध्याय 3.16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.16.4 
अनीकानां विभागेन पन्थान: संवृताऽभवन्।
प्रवणाय च नैवासञ्छाल्वस्य शिविरे नृप॥ ४॥
 
 
अनुवाद
सेनाओं के विभाजन के कारण सभी मार्ग अवरुद्ध हो गए थे। हे राजन! शाल्व के शिविर में प्रवेश करने का कोई रास्ता नहीं बचा था।
 
All the routes were blocked due to the division of the armies. O King! There was no way left to enter Shalva's camp. 4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)