श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  3.16.30 
सर्वे भवन्तस्तिष्ठन्तु सर्वे पश्यन्तु मां युधि।
निवारयन्तं संग्रामे बलात् सौभं सराजकम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
'याद रखो! तुम सब लोग चुपचाप खड़े होकर मेरा पराक्रम देखो; मैं युद्ध में राजा शाल्व के साथ सौभ विमान की गति को किस प्रकार रोक देता हूँ॥30॥
 
'Remember! All of you stand (quietly) and see my prowess; how I stop the movement of the Saubha aircraft along with King Shalva in the battle.॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)