श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.16.29 
ततो निर्याय कौरव्य अवस्थाप्य च तद् बलम्।
आनर्तानां महाराज प्रद्युम्नो वाक्यमब्रवीत्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
महाराज कुरुणानन्द! तब प्रद्युम्न ने बाहर आकर आनर्त वासियों की सेना को उत्साहित किया और इस प्रकार कहा -॥29॥
 
Maharaja Kuruṇānanda! Then Pradyumna came out and encouraged the army of the Anarta residents and said thus -॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)