vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन
»
श्लोक 29
श्लोक
3.16.29
ततो निर्याय कौरव्य अवस्थाप्य च तद् बलम्।
आनर्तानां महाराज प्रद्युम्नो वाक्यमब्रवीत्॥ २९॥
अनुवाद
महाराज कुरुणानन्द! तब प्रद्युम्न ने बाहर आकर आनर्त वासियों की सेना को उत्साहित किया और इस प्रकार कहा -॥29॥
Maharaja Kuruṇānanda! Then Pradyumna came out and encouraged the army of the Anarta residents and said thus -॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×