श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.16.28 
ततो व्याकुलितं सर्वं द्वारकावासि तद् बलम्।
दृष्ट्वा शाल्वं महाबाहो सौभस्थं नृपते तदा॥ २८॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु नरेश्वर! उस समय सौभ विमान पर बैठे हुए शाल्व को देखकर द्वारका की सारी सेना भय से व्याकुल हो गई॥28॥
 
Mighty-armed Nareshwar! At that time, seeing Shalva sitting on the Saubha Vimana, the entire army of Dwarka became distraught with fear. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)