Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.16.25: तत्पश्चात् रुक्मिणीनन्दन चारुदेष्ण ने उस महान् (दिव्य) अस्त्र से अग्नि और सूर्य के समान तेजस्वी बाणों को बुलाकर शत्रुओं का नाश किया और उन्हें अपने धनुष पर चढ़ाया॥25॥ | mahabharat अध्याय 3.16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् रुक्मिणीनन्दन चारुदेष्ण ने उस महान् (दिव्य) अस्त्र से अग्नि और सूर्य के समान तेजस्वी बाणों को बुलाकर शत्रुओं का नाश किया और उन्हें अपने धनुष पर चढ़ाया॥25॥
Thereafter, Rukmininandan Charudeshna summoned from the great (divine) weapon the arrows that were as bright as fire and the sun and destroyed the enemies, and aimed them on his bow. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥