श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.16.23 
तत: सुतुमुलं युद्धं चारुदेष्णविविन्ध्ययो:।
वृत्रवासवयो राजन् यथा पूर्वं तथाभवत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तत्पश्चात् चारुदेष्ण और विविन्ध्य के बीच वैसा ही घोर युद्ध आरम्भ हो गया, जैसा पहले इन्द्र और वृत्रासुर के बीच हुआ था॥ 23॥
 
O King! Thereafter a fierce battle began between Charudeshna and Vivindhya, just as had happened earlier between Indra and Vritraasura.॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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