vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन
»
श्लोक 22
श्लोक
3.16.22
चारुदेष्णेन संसक्तो विविन्ध्यो नाम दानव:।
महारथ: समाज्ञातो महाराज महाधनु:॥ २२॥
अनुवाद
महाराज! विविन्ध्य नामक एक राक्षस, जो महान योद्धा और महान धनुर्धर था, शाल्व की आज्ञा से चारुदेष्ण के साथ युद्ध कर रहा था।
Maharaj! A demon named Vivindhya, a great warrior and great archer, was fighting with Charudeshna under the orders of Shalva.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×