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mahabharat 3.16.22: महाराज! विविन्ध्य नामक एक राक्षस, जो महान योद्धा और महान धनुर्धर था, शाल्व की आज्ञा से चारुदेष्ण के साथ युद्ध कर रहा था।   |   mahabharat अध्याय 3.16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.16.22 
चारुदेष्णेन संसक्तो विविन्ध्यो नाम दानव:।
महारथ: समाज्ञातो महाराज महाधनु:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! विविन्ध्य नामक एक राक्षस, जो महान योद्धा और महान धनुर्धर था, शाल्व की आज्ञा से चारुदेष्ण के साथ युद्ध कर रहा था।
 
Maharaj! A demon named Vivindhya, a great warrior and great archer, was fighting with Charudeshna under the orders of Shalva.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)