श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.16.2 
समे निविष्टा सा सेना प्रभूतसलिलाशये।
चतुरङ्गबलोपेता शाल्वराजाभिपालिता॥ २॥
 
 
अनुवाद
उसकी सेना ने एक मैदान में डेरा डाला, जहाँ जल से भरा एक जलाशय था। उसमें चार प्रकार के सैनिक थे: हाथी सवार, घुड़सवार, रथी और पैदल। राजा शाल्व स्वयं उसके रक्षक थे॥2॥
 
His army camped on a plain where there was a reservoir filled with water. There were four types of soldiers in it: elephant riders, horse riders, charioteers and foot soldiers. King Shalva himself was its protector.॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)